चीन, पाकिस्तान के बाद अब अमेरिका ने की तालिबान की तारीफ, ये कहा…

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस से कहा गया है कि अफगानिस्तान पर बंदूक के दम पर कब्जा करने वाले तालिबान का रवैया एक व्यापारी और पेशेवर की तरह है, जो कि बेहद ही सकारात्मक कदम है।

अमेरिका ने की तालिबान की तारीफ

अफगानिस्तान में काबुल एयरपोर्ट पर 9 सितंबर से विदेशी उड़ानों का सिलसिला फिर से शुरू हो गया है। कतर एयरवेज का एक प्लेन गुरुवार को काबुल एयरपोर्ट पहुंचा। वहां से अफगानिस्तान में फंसे अमेरिकी नागरिकों को निकालकर ले गया।

अमेरिका के मुताबिक, अबतक अफगानिस्तान में फंसे 6 हजार से ज्यादा अमेरिकी नागरिक को निकाल चुकी है। आने वाले दिनों में भी अमेरिकी सरकार तालिबान की मदद से बचे हुए अमेरिकी नागरिकों और नाटो देशों के नागरिकों को निकालेगी।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस से कहा गया है कि अफगानिस्तान पर बंदूक के दम पर कब्जा करने वाले तालिबान का रवैया एक व्यापारी और पेशेवर की तरह है, जो कि बेहद ही सकारात्मक कदम है।

व्हाइट हाउस यहीं नहीं रुका, आगे कहा गया कि तालिबान का रुख लचीला है, वो अमेरिका की पूरी मदद कर रहा है। बता दें कि 30 और 31 अगस्त की मध्यरात्रि को अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की रवानगी के बाद से काबुल एयरपोर्ट बंद पड़ा था, जिसे कतर की तकनीकी मदद से फिर से शुरू किया गया।

एक तरफ जहां अमेरिका आधिकारिक रूप से तालिबान को सहयोगी, व्यापारी और पेशेवर बता रहा है तो दूसरी ओर अफगानिस्तान के पंजशीर प्रांत में तालिबान पर जातीय नरसंहार के आरोप लग रहे हैं।

अहमद मसूद की अगुवाई वाले नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (NRF) के विदेशी मामलों के प्रमुख अली मैसम नाजरी के मुताबिक, तालिबानी आक्रमण की वजह से अबतक 1 हजार से ज्यादा लोग पंजशीर घाटी से पलायन कर चुके हैं।

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