संयुक्त राष्ट्र की सूची में आतंकी घोषित अखुंद बना अफगानिस्तान का मुखिया, कैसे कटा बरादर का पत्ता

संयुक्त राष्ट्र की आतंकी सूची में शामिल मुल्ला हसन अखुंद तालिबान सरकार में प्रधानमंत्री होगा। मुल्ला हसन अखुंद इस वक्त रहबारी शूरा के मुखिया है। रहबारी शूरा तालिबान की सबसे शक्तिशाली निर्णय लेने वाली संस्था है।

तालिबान अंतरिम सरकार

संयुक्त राष्ट्र की आतंकी सूची में शामिल मुल्ला हसन अखुंद तालिबान सरकार में प्रधानमंत्री होगा। मुल्ला हसन अखुंद इस वक्त रहबारी शूरा के मुखिया है। रहबारी शूरा तालिबान की सबसे शक्तिशाली निर्णय लेने वाली संस्था है। मुल्ला हसन अखुंद का जन्म कंधार में हुआ है। सशस्त्र आंदोलन की शुरुआत करने वाले लोगों में मुल्ला हसन भी शामिल थे।

तालिबान की अंतरिम सरकार में मुल्ला याकूब को रक्षा मंत्री बनाया गया है। खैरउल्लाह खैरख्वा को सूचना मंत्री का पद दिया गया है। अब्दुल हकीम को न्याय मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। प्रधानमंत्री पद के लिए मुल्ला हसन अखुंद का नाम अमीरुल मोमिनीन शेख हैबतुल्ला अखुंजादा ने प्रस्तावित किया था। शेख हैबतुल्ला अखुंजादा खुद अफगान के सुप्रीम लीडर होंगे।

मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद ने प्रधानमंत्री की रेस में आने की चर्चा मात्र दो दिन पहले ही हुई थी। मुल्ला मोहम्मद हसन वर्तमान में तालिबान के शक्तिशाली निर्णय लेने वाले निकाय, रहबारी शूरा या नेतृत्व परिषद के प्रमुख है। मोहम्मद हसन तालिबान के जन्मस्थान कंधार से ताल्लुक रखता है और आतंकी आंदोलन के संस्थापकों में से एक है।

क्या आईएसआई ने बरादर का पत्ता काटा

जानकारों के मुताबिक प्रधानमंत्री के लिए सबसे प्रबल दावेदार मुल्ला अब्दुल गनी बरादर का पत्ता पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के चीफ मोहम्मद फैज के इशारे पर काटा गया है। पाक नहीं चाहता है कि कोई प्रभावशाली नेता तालिबान सरकार में शीर्ष पर बैठे।

कई धड़ों में विवाद

सरकार की कमान को लेकर तालिबान के दोहा गुट, कंधार गुट और आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के बीच विवाद की खबरें थीं। पिछले दिनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के मुखिया लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद के काबुल दौरे के दौरान मुल्ला हसन अखुंद के नाम पर सहमति बनी थी।

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