भारत बंद का समर्थन करना कांग्रेस को पड़ा महंगा, किसानों ने दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष को किया धरना स्थल से बाहर

कांग्रेस पार्टी के दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल चौधरी भारत बंद का समर्थन करने के लिए सोमवार को दोपहर में गाजीपुर सीमा पर पहुंचे थे। इस दौरान वह प्रदर्शन स्थल पर मंच के सामने बैठ गए। जिसके बाद वहां पर मौजूद आंदोलनकारी किसानों ने दिल्ली कांग्रेस प्रमुख अनिल चौधरी को विरोध स्थल से जाने के लिए कहा।

किसानों का भारत बंद

27 सितंबर को केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का देशव्यापी भारत बंद चल रहा है। इस बीच कांग्रेस पार्टी के एक दिग्गज नेता को दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर अपमानित होना पड़ा। दरअसल मामला प्रदर्शन स्थल से जुड़ा हुआ है।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी के दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल चौधरी भारत बंद का समर्थन करने के लिए सोमवार को दोपहर में गाजीपुर सीमा पर पहुंचे थे। इस दौरान वह प्रदर्शन स्थल पर मंच के सामने बैठ गए। जिसके बाद वहां पर मौजूद आंदोलनकारी किसानों ने दिल्ली कांग्रेस प्रमुख अनिल चौधरी को विरोध स्थल से जाने के लिए कहा।

घटना के बाद अपनी प्रतिक्रिया में अनिल चौधरी ने कहा कि वह उनकी स्थिति समझ सकते हैं। यह किसानों का मसला है और कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी। अगर किसान हमें यहां से जाने को कहेंगे तो हम वापस चले जाएंगे। हम यहां किसानों के लिए आए हैं और हमारा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। गाजीपुर पर मौजूद किसानों ने अनिल चौधरी से कहा कि क्या आप इसे कांग्रेस का आंदोलन बनाना चाहते हैं?

इसके बाद भारतीय किसान यूनियन के नेता प्रवीण मलिक ने कहा है कि हमने उनसे कहा है कि हम उन्हें बंद के दौरान उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हैं। लेकिन हमारा एक गैर राजनीतिक विरोध और मंच है और हमने पहले ही घोषणा की थी कि हम अपने मंच पर किसी राजनीतिक दल को अनुमति नहीं देंगे। इसलिए हमने उन से अनुरोध किया कि वह हमारी साइड से थोड़ी दूर होकर विरोध करें।

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बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शनकारियों द्वारा सोमवार किए जाने वाले भारत बंद का दिल्ली कांग्रेस ने समर्थन किया है। इसके साथ-साथ देश के कई विरोधी पार्टियों ने भी इस भारत बंद को अपना समर्थन दिया है। मोदी सरकार के विरोधी पार्टियों की मांग है कि सरकार किसी कानूनों को रद्द करें।