अफगानिस्तान में तालिबान शासन के बाद भुखमरी की ओर बढ़ा देश, पाकिस्तान से बुरा हाल हुआ

रोम स्थित वर्ल्ड फूड प्रोग्राम कार्यालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि 39 मिलियन की आबादी वाले इस देश में 14 मिलियन लोगों के सामने खाने का गंभीर संकट खड़ा है। WHO के अनुसार, अफगानिस्तान में लगभग 2 मिलियन बच्चे कुपोषित हैं।

अफगानिस्तान में भूखमरी

तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान तेजी के साथ भुखमरी की ओर बढ़ रहा है। बुधवार को UN के अधिकारी ने इस संबंध में चेतावनी दी। अधिकारी ने चेताते हुए कहा कि अफगानिस्तान में इस महीने के बाद जबरदस्त भुखमरी की स्थिति आ सकती है।

अधिकारी ने कहा कि जिस तरह की चुनौतियों से अभी अफगानिस्तान गुजर रहा है उससे वहां खाने की किल्लत पैदा हो सकती है। स्थानीय मानवीय समन्वयक रमीज़ अलाकबारोव ने कहा कि देश की एक तिहाई आबादी आपातकालीन स्थिति का सामना कर रही है।

इसके साथ-साथ अफगानिस्तान में अब सर्दी का मौसम आ रहा है। साथ ही देश पहले से ही सूखे का सामना कर रहा है। ऐसे अफगानिस्तान को बहुत ज्यादा मात्रा में पैसों की जरूरत पड़ेगी ताकि वह अपनी जनता को भुखमरी से बचा सके।

यूएन के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के तहत पिछले कुछ हफ्तों में यहां हजारों के बीच खाने का सामान वितरित किया गया है। लेकिन अभी भी यहां की एक बड़ी आबादी के लिए काफी कुछ किया जाना बाकी है। रमीज़ अलाकबारोव ने कहा कि तेजी से सर्दी का मौसम करीब आ रहा है। ऐसे में यहां की स्थिति और खराब हो सकती है और सितंबर लास्ट तक फूड स्टॉक खत्म हो सकता है।

बता दें कि अमेरिकी सैनिक 30 अगस्त की रात अफगानिस्तान से जा चुकी है। अब अफगानिस्तान की 95 फीसदी ज्यादा इलाकों पर तालिबान का कब्जा है। हालांकि पंजशीर अभी भी तालिबान के कब्जे से बाहर है। इस बीच देश को आर्थिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है।

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रोम स्थित वर्ल्ड फूड प्रोग्राम कार्यालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि 39 मिलियन की आबादी वाले इस देश में 14 मिलियन लोगों के सामने खाने का गंभीर संकट खड़ा है। WHO के अनुसार, अफगानिस्तान में लगभग 2 मिलियन बच्चे कुपोषित हैं।