लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुआ

लखीमपुर-खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि मामले में कौन आरोपी है, किसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और किसे गिरफ्तार किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

लखीमपुर-खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि मामले में कौन आरोपी है, किसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और किसे गिरफ्तार किया गया है।

जवाब में सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि एक एसआईटी का गठन किया गया है और एक एकल सदस्यीय जांच आयोग का भी गठन किया गया है, ताकि स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल की जा सके। मामले में आईजी लखनऊ रेंज लक्ष्मी सिंह ने कहा कि यह जिला स्तरीय समिति मामले की जांच करेगी और चार्जशीट कोर्ट में पेश करेगी जबकि न्यायिक जांच आयोग पूरे मामले की जांच करेगा।

लक्ष्मी सिंह ने कहा कि सबूतों के आधार पर हम जल्द ही इस घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करेंगे। लखीमपुर केस में सुप्रीम कोर्ट ने अब सुनवाई की तारीख को शुक्रवार को कर दिया है। शुक्रवार को इस केस में सुप्रीम कोर्ट में फिर से सुनवाई होगी।

इससे पूर्व सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। अखिलेश ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। अखिलेश ने कहा कि मामले की जांच उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा क्योंकि वह राज्य मंत्री के बेटे हैं, इसलिए अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है। क्या आपको लगता है कि जब तक वह केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं तब तक किसानों को न्याय मिल सकेगा?

See also  सिंघु बॉर्डर पर हत्या का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, याचिकाकर्ता ने कहा - कानून का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है

मामले में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बृहस्पति वार को आरोप लगाया कि लखीमपुर मामले में नामजद आरोपियों को जेल नहीं भेजा जा रहा है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में गृह राज्य मंत्री के खिलाफ उंगलियां उठ रही हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे भाजपा सरकार में राज्य मंत्री की ओर उंगली उठ रही है इसलिए लखीमपुर मामले के आरोपियों को जेल नहीं भेजा जा रहा है।