नारायण राणे मामला: शिवसेना की सफाई, बदले की भावना से नहीं हुई गिरफ्तारी

संजय राउत ने मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के क्रम में कहा कि केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री नारायण राणे की गिरफ्तारी बदले की भावना से नहीं की गई थी। मुख्यमंत्री ठाकरे को धमकी देने पर यह कार्रवाई पुलिस ने की।

शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे गिरफ्तारी मामले में अब शिवसेना ने अपनी सफाई दी है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत ने कहा कि हमारी पार्टी किसी भी आरोप-प्रत्यारोप से नहीं घबराती है, आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नारायण राणे की गिरफ्तारी बदले की भावना से नहीं की गई थी। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को धमकी देने पर यह कार्रवाई पुलिस ने की।

संजय राउत ने मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के क्रम में कहा कि केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री नारायण राणे की गिरफ्तारी बदले की भावना से नहीं की गई थी। मुख्यमंत्री ठाकरे को धमकी देने पर यह कार्रवाई पुलिस ने की। इस तरह की कार्रवाई इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बेनामी धमकी पत्र आने के बाद की गई थी। इस मामले में कई आरोपित अभी भी जेल में हैं।

राउत ने सफाई देते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विरुद्ध धमकी देने के बाद सरकारी मशीनरी करती है। इसमें किसी का हाथ अथवा दबाव नहीं रहता है।

अपने सहयोगी परिवहन मंत्री अनिल परब का बचाव करते हुए संजय राउत ने कहा कि अनिल परब मंत्री समूह में हैं और सरकार का हिस्सा हैं, इसलिए पुलिस के निर्देश देना कोई गलत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बदले की भावना से कार्रवाई करने के लिए राज्य के पास ईडी, आईटी, सीबीआई नहीं है। केंद्र सरकार खुद बदले की भावना से प्रेरित होकर काम कर रही है। इससे सरकार घबराने वाली नहीं है।

बता दें कि केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को एक कथित विवादित टिप्पणी के मामले में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। राणे ने एक जनरैली के दौरान लोगों के संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने की बात कही थी। हालांकि बाद में राणे को मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

See also  नहीं रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री ऑस्कर फर्नांडीज, सोमवार को हुआ निधन