राजस्थान महिलाओं और बच्चियों के लिए सबसे असुरक्षित, दुष्कर्म के मामलों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी

साल 2020 में देश में दुष्कर्म के सबसे ज्यादा मामले राजस्थान में दर्ज किए गए हैं। राज्य में 1,279 नाबालिगों का दुष्कर्म का शिकार हुईं जो यहां की स्थिति को दर्शाती है। 2020 की तुलना में राजस्थान में दुष्कर्म के मामलों में 25.07 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

राजस्थान में महिला अपराध

देश के कई राज्यों में महिलाओं के लिए स्थितियां बुरी हैं लेकिन राजस्थान इन सबमें सबसे ऊपर है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान को महिलाओं और बच्चियों के लिए सर्वाधिक असुरक्षित माना गया है।

साल 2020 में देश में दुष्कर्म के सबसे ज्यादा मामले राजस्थान में दर्ज किए गए हैं। राज्य में 1,279 नाबालिगों का दुष्कर्म का शिकार हुईं जो यहां की स्थिति को दर्शाती है। 2020 की तुलना में राजस्थान में दुष्कर्म के मामलों में 25.07 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

एनसीआरबी ने राजस्थान में महिलाओं की स्थिति को लेकर चिंता भी जताई है। मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और उनके हित में लिए गए कई निर्णय के वाबजूद यह हाल है।

अप्रैल 2021 में गहलोत सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रदेश की नई महिला नीति के प्रारूप को मंजूरी प्रदान की थी। प्रदेश में आधी आबादी को सुरक्षित एवं सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया था। जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं जैसे जन्म, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, प्रशिक्षण, आजीविका, संपत्ति के स्वामित्व राजनीतिक और सामाजिक अधिकारिता आदि को भी इसमें शामिल किया था।

महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर विराम लगाने के लिए हर जिले में महिला अपराध अनुसंधान इकाइयां बनाई गई है। पुलिस को महिलाओं, बालिकाओं और समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा का जिम्मा दियागया है। इसके बावजूद आधी आबादी के लिए राजस्थान बिल्कुल सुरक्षित नहीं लगता। कम से कम रिपोर्ट तो यही कहती है।

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