आरबीआई ने बदला डेबिट-क्रेडिट से जुड़ा यह नियम, जानिए क्या होगा असर

रिजर्व बैंक ने Additional Factor Authentication के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है। नए आदेश के मुताबिक, अब 1 अक्टूबर से ऑटो डेबिट पेमेंट सिस्टम बदल जाएगा।

आरबीआई ऑटो डेबिट रूल्स

भारतीय रिजर्व बैंक ने डेबिट और क्रेडिट से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अगर आप बिजली बिल, मोबाइल का बिल, ईएमआई का पेमेंट ऑटो डेबिट फॉर्म में करते हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है।

रिजर्व बैंक ने Additional Factor Authentication के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है। नए आदेश के मुताबिक, अब 1 अक्टूबर से ऑटो डेबिट पेमेंट सिस्टम बदल जाएगा। आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में विस्तार से।

रिजर्व बैंक ने देश में डिजिटल पेमेंट को ज्यादा सुरक्षित बनाने के मकसद से Additional Factor Authentication (AFA) का लागू करने का निर्देश दिया है। रेकरिंग ऑनलाइन पेमेंट में ग्राहकों के हितों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बैंक ने यह आदेश जारी किया है।

केंद्रीय बैंक के नए नियमों का मकसद लोगों को फ्रॉड से बचाने का है और AFA का इस्तेमाल करते हुए एक फ्रेमवर्क तैयार करने का निर्देश भी दिया गया था। इसकी अंतिम डेट 30 सितंबर थी।

हालांकि इससे पहले रिजर्व बैंक ने बैंकों से दिसंबर 2020 में कहा था कि 31 मार्च 2021 तक फ्रेमवर्क को लागू करने की तैयारी करें। रिजर्व बैंक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि बार बार मौके दिए जाने के बाद भी इस फ्रेमवर्क को लागू नहीं किया गया है, ये बेहद चिंता की बात है, इस पर अलग से बात की जाएगी।

बैंकों की तैयारियों में देरी को देखते हुए रिजर्व बैंक ने कस्टमर को दिक्कत पेश न आए इसलिए बैंकों को फ्रेमवर्क में शिफ्ट होने के लिए डेट को बढ़ाकर 30 सितंबर 2021 कर दिया था। साथ ही केंद्रीय बैंक ने कहा था कि इसके बाद अगर चूक हुई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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