Tokyo Paralympics: निशानेबाज अवनि लेखरा दो पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं

उन्नीस साल की लेखरा ने 50 मीटर राइफल थ्री पॉजिशन एसएच1 स्पर्धा में 1176 के स्कोर से दूसरे स्थान पर रहकर फाइनल के लिये क्वालीफाई किया। फाइनल का मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। लेखरा ने कुल 445.9 अंक का स्कोर बनाया और वह यूक्रेन की इरिना श्चेटनिक से आगे रहकर पदक को हासिल किया।

निशानेबाज अवनि लेखरा

निशानेबाज अवनि लेखरा ने टोक्यो पैरालंपिक में 50 मीटर राइफल थ्री पॉजिशन एसएच1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। इस पदक के साथ ही वह दो पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गयीं। इससे पहले उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल स्टैडिंग एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।

उन्नीस साल की लेखरा ने 50 मीटर राइफल थ्री पॉजिशन एसएच1 स्पर्धा में 1176 के स्कोर से दूसरे स्थान पर रहकर फाइनल के लिये क्वालीफाई किया। फाइनल का मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। लेखरा ने कुल 445.9 अंक का स्कोर बनाया और वह यूक्रेन की इरिना श्चेटनिक से आगे रहकर पदक को हासिल किया।

पदक जीतने के बाद लेखरा ने कहा कि यह मुश्किल फाइनल था लेकिन मैं खुश हूं कि कांस्य पदक जीत सकी। मैं इससे भी बेहतर कर सकती थी। फाइनल का आप पर ऐसा ही असर होता है।

उन्होंने आगे कहा, ‘‘अपने पहले पैरालंपिक खेलों में दो पदक जीतने का अनुभव शानदार है। ये दोनों मेरी पसंदीदा स्पर्धायें हैं। मैं इन दोनों के लिये काफी महीनों से कड़ी मेहनत कर रही थी। मैंने अंतिम शॉट में अपना शत प्रतिशत दिया। ’’

अवनि ने अपने स्वर्ण पदक के जश्न का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिस पर मुझे काम करना है और मैं निश्चित रूप से अगली बार इससे भी बेहतर करूंगी। काफी ध्यान भटकाने वाली चीजें रहीं लेकिन मैंने अपना शत प्रतिशत दिया। ’’

बता दें कि अवनि लेखरा मूल रूप से जयपुर की रहने वाली हैं। 2012 में एक कार एक्सीडेंट में लेखरा की रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई थी। हालांकि इसके बावजूद उन्होंने खेल को जारी रखा और आज इस मुकाम को हासिल किया।

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