डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन पर आदेश से सुप्रीम कोर्ट का इंकार, टीकाकरण प्रक्रिया को सही बताया

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश की विविध स्थितियों को देखते हुए घर-घर जाकर कोरोना का टीकाकरण करना संभव नहीं है। कोर्ट ने कहा कि देश में फिलहाल टीकाकरण सही तरीके से चल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

देश में Corona Vaccine लगाया जा रहा है। भारत ने पिछले दिनों 70 करोड़ लोगों को टीकाकरण का लक्ष्य पूरा कर लिया है। भारत सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर तक सभी व्यस्क आबादी को टीका लग जाए। इस बीच Supreme Court ने घर-घर जाकर टीका लगाने का आदेश देने से इंकार कर दिया।

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश की विविध स्थितियों को देखते हुए घर-घर जाकर कोरोना का टीकाकरण करना संभव नहीं है। कोर्ट ने कहा कि देश में फिलहाल टीकाकरण सही तरीके से चल रहा है, ऐसे में हम मौजूदा टीकाकरण नीति को खत्म करने के लिए अलग से एक सामान्य आदेश पारित नहीं कर सकते।

बता दें कि विकलांगों और समाज के कमजोर वर्गों के लोगों के लिए अलग-अलग से घर-घर जाकर टीकाकरण की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह फैसला दिया है।

डोर-टू-डोर कोरोना वैक्सीन की मांग करने वाले वकीलों के निकाय की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस हेमा कोहली की पीठ ने कहा कि टीकाकरण अभियान उचित प्रगति पर है और 60 प्रतिशत से अधिक आबादी को वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है।

पीठ ने कहा कि देश में राज्यों की स्थिति अलग – अलग है। शहरों की स्थिति गांवों से अलग है। इस विशाल देश में हर राज्य में अपनी समस्याएं हैं। पूरे देश के लिए एक आदेश का आदेश देना उचित नहीं है। हम मौजूदा टीकाकरण नीति को खत्म नहीं कर सकते। आपको इस कठिनाई को समझना चाहिए।

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