तालिबान ने पहली बार भारत सरकार से की हवाई सेवाएं शुरू करने की अपील

तालिबान ने कहा कि अफगानिस्तान की सिविल एविएशन अथॉरिटी आपसे अपील करती है कि दोनों देशों के बीच कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन शुरू किया जाए। बता दें कि यह पहला मौका है जब तालिबान ने औपचारिक रूप से भारत सरकार से कोई मांग की है।

तालिबान अंतरिम सरकार

अफगानिस्तान में कब्जा करने के बाद तालिबान ने पहली बार भारत सरकार से औपचारिक बात की है। तालिबान ने दोनों देशों के बीच उड़ान सेवा को फिर से शुरू करने की अपील की है। दोनों देशों के बीच हुए एमओयू का हवाला देते हुए तालिबान ने कहा कि यात्रियों की आवाजाही के लिए फ्लाइट्स का चलना जरूरी है।

तालिबान ने कहा कि अफगानिस्तान की सिविल एविएशन अथॉरिटी आपसे अपील करती है कि दोनों देशों के बीच कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन शुरू किया जाए। बता दें कि यह पहला मौका है जब तालिबान ने औपचारिक रूप से भारत सरकार से कोई मांग की है।

भारतीय उड्डयन महानिदेशक अरुण कुमार के नाम लिखे पत्र में अफगानिस्तान के कार्यकारी उड्डयन मंत्री अलहाज हमीदुल्लाह अखुंदजादा ने यह मांग की है। अलहाज हमीदुल्लाह ने लिखा है – आप जैसा कि जानते हैं कि अमेरिकी सैनिकों ने अपनी वापसी से पहले काबुल के इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचाया है और उसे काम लायक नहीं छोड़ा है।

कतर के भाइयों की तकनीकी मदद से यह एयरपोर्ट एक बार फिर से संचालन के योग्य हो गया है। इस संबंध में 6 सितंबर को सभी देशों को जानकारी दी गई है।

लेटर में अखुंदजादा ने लिखा है – इस लेटर को लिखने का मकसद यह है कि दोनों देशों के बीच कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन शुरू किया जाए। दोनों देशों के बीच इसे लेकर पहले से ही एएमयू है जिसपर काम जारी रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमारी राष्ट्रीय एयरलाइन अरियानना अफगान एयरलाइन और काम एयर भारत के लिए अपनी फ्लाइट्स को शुरू करने के लिए तैयार है लेकिन हम आपसे भी अपील करते हैं कि अफगानिस्तान के लिए हवाई सेवाएं शुरू की जाए।

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