सिंघु बॉर्डर पर हत्या का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, याचिकाकर्ता ने कहा – कानून का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है

बीते दिनों दिल्ली हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर एक दलित युवक की हत्या के बाद मामला गरमा गया है। हत्या का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से युवक की निर्मम हत्या समेत पूर्व की कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए प्रदर्शनकारियों और किसानों को हटाने की मांग की है।

सिंघु बॉर्डर पर हत्या का मामला

बीते दिनों दिल्ली हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर एक दलित युवक की हत्या के बाद मामला गरमा गया है। हत्या का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से युवक की निर्मम हत्या समेत पूर्व की कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए प्रदर्शनकारियों और किसानों को हटाने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका पर जल्दी सुनवाई हो सकती है।

याचिकाकर्ता स्वाति गोयल एवं संजीव नेवार की ओर से वकील शशांक शेखर झा ने अदालत से अनुरोध किया है इस पर शीघ्र सुनवाई की जाए। आवेदन में कहा गया है कि केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे आंदोलनकारी खुलेआम कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि प्रदर्शनकारी कोविड-19 के दिशा निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं।

याचिका में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि आंदोलन की वजह से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है और रोजमर्रा की परेशानियों के अलावा कई अमानवीय घटनाएं भी सामने आई हैं। बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली हरियाणा के सिंघु बॉर्डर के पास एक दलित युवक लखबीर सिंह की हत्या कर दी गई थी। इससे पहले एक महिला के साथ बलात्कार किया गया था।

प्रदर्शनकारियों ने लाल किले की प्राचीर पर भी धार्मिक झंडा फहरा दिया था। प्रदर्शन के दौरान सरकारी और निजी संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हुई हैं। याचिकाकर्ता वकील झा का कहना है कि विभिन्न कारणों से रिट याचिका पर सुनवाई कई महीनों से टल रही है। इसको देखते हुए यह मामला व्यापक जनहित से जुड़ा हुआ है और अदालत से इस पर तत्काल सुनवाई की मांग की गई है।

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याचिकाकर्ता के अनुसार याचिका पर 10 मई 2021 को सुनवाई होनी थी लेकिन यह 13 मई तक के लिए टल गई। इसके बाद 31 मई को सुनवाई होनी थी फिर यह मामला 12 जुलाई तक के लिए टल गए। इस प्रकार लगातार किसी ना किसी कारण से सुनवाई टलती रही है। इसी कारण से याचिका पर शीघ्र सुनवाई के लिए विशेष उल्लेख के साथ अदालत से आवेदन किया गया है।