लखीमपुर खीरी हिंसा में मृतक किसानों के परिजनों को मिलेगा 45-45 लाख रुपए मुआवजा

योगी सरकार ने मृतक किसानों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का भी वादा किया है। मरने वालों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही घायलों को ₹10 लाख रुपए दिए जाएंगे।

लखीमपुर हिंसा को लेकर किसानों और अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद समझौता हो गया है। सरकार और किसानों के बीच इसको लेकर यह दौर की वार्ता के बाद सहमति बन पाई है। योगी सरकार ने मृतकों के परिवार को 45 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है।

इसके साथ साथ योगी सरकार ने मृतक किसानों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का भी वादा किया है। मरने वालों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही घायलों को ₹10 लाख रुपए दिए जाएंगे।

राज्य सरकार ने इस घटना की न्यायिक जांच करने का भी आदेश दिया है। सरकार द्वारा लखीमपुर हिंसा की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से करवाया जाएगा। बता दें कि रविवार को लखीमपुर खीरी में हिंसा के बाद पूरे प्रदेश में बवाल मचा हुआ है।

लखनऊ में लखीमपुर जाने से रोकने पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों पर अंग्रेजों के शासन से ही ज्यादा जेल में भाजपा सरकार कर रही है। उन्होंने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की और किसानों को 2-2 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की राज्य सरकार से मांग की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

वहीं दूसरी तरफ लखीमपुर खीरी जाते समय कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने सीतापुर में हिरासत में लिया। उन्हें सीतापुर के गेस्ट हाउस में रखा गया है। प्रियंका गांधी ने हिरासत में लिए जाने के बाद गेस्ट हाउस में झाड़ू लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। झाड़ू लगाते हुए प्रियंका गांधी का वीडियो वायरल हो रहा है।

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किसान और अधिकारियों के बीच 4 शर्तों पर समझौता हुआ है

1. घटना की न्यायिक जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से कराई जाएगी।

2. मृतकों के परिवार के एक एक सदस्य को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाएगी।

3. मृतकों के परिवार को 45 लाख और घायलों को 10 लाख रुपए का मुआवजा।

4. जिनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज हुई है। उनके खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई होगी।