WHO ने चेताया, कोरोना के नए वेरिएंट MU में है वैक्सीन को भी मात देने वाले लक्षण

Mu को इसके वैज्ञानिक नाम B.1.621 से भी जाना जाता है। इसे 30 अगस्त को WHO की निगरानी सूची में रखा गया था और यह कई म्यूटेशन से बना हुआ है, जो इम्यून को चकमा देने की क्षमता की ओर इशारा करता है।

कोरोना का नया वेरिएंट

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना के नए वेरिएंट MU में वैक्सीन प्रतिरोध के संभावित लक्षण दिखे हैं। इस नए वेरिएंट को ‘वेरिएंट ऑफ इन्ट्रस्ट’ की कैटेगरी में रखा गया है। WHO ने कहा है कि इसपर करीब से निगाह रखी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को साप्ताहिक बुलेटिन में यह बात कही।

Mu को इसके वैज्ञानिक नाम B.1.621 से भी जाना जाता है। इसे 30 अगस्त को WHO की निगरानी सूची में रखा गया था और यह कई म्यूटेशन से बना हुआ है, जो इम्यून को चकमा देने की क्षमता की ओर इशारा करता है। इसमें कहा गया है कि म्यूटेशन की व्यापकता को उचित महत्व देना चाहिए, क्योंकि सभी देशों में सही सिक्वेंसिंग की व्यवस्था नहीं है।

यूएन एजेंसी ने हालांकि यह भी साफ किया है कि ‘इम्यून को चकमा’ देने की क्षमता और वैक्सीन प्रतिरोध को लेकर इसमें और अधिक शोध की जरूरत है। WHO ने कहा, ”इस प्रकार के फेनोटाइपिक और क्लीनिकल ​​​​विशेषताओं को समझने के लिए और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि शुरुआती डेटा बताता है कि एमयू का व्यवहार बिलकुल बीटा वेरिएंट की तरह है जिसने साउथ अफ्रीका में मिलने पर दिखाया था। पिछले चार सप्ताह में मरीजों से लिए गए वायरस सैंपल के 4,500 से अधिक स्वीकेंस, जीनोम सीक्वेंस में कोरोना का नया वेरिएंट Mu पाया गया है।

बता दें कि इन सीक्वेंस का इस्तेमाल किसी आबादी में वायरस के प्रसार को ट्रैक करने के लिए किया जाता है। Mu वेरिएंट सबसे पहले जनवरी 2021 में कोलंबिया में सामने आया था। साउथ अफ्रीका और यूरोप में इसके बड़े प्रसार की सूचना है।

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