नासा ने भारत और चीन को क्यों धन्यवाद दिया?

नासा के इस अध्ययन में साल 2000 से 2017 के दौरान उपग्रह से ली गई तस्वीरों का विश्लेषण किया गया। इसमें भारत और चीन में चकित करने वाला हरियाली का पैटर्न सामने आया।

NASA Study

यह बात आप तक पहुंचाते हुए हमे बहुत अच्छा लग रहा है। आशा करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप भी हमारे जैसा ही महसूस करेंगे। तो आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और नासा ने भारत और चीन को धन्यवाद क्यों दिया।

नासा (NASA) की माने तो एक नए अध्ययन से पता चलता है कि, धरती को हरा-भरा बनाने में भारत और चीन का अहम योगदान सामने आया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के नए अध्ययन से पता चला है कि ये दोनों देश हरियाली के वैश्विक प्रयासों की अगुआई कर रहे हैं।

नासा (NASA) ने तस्वीरें शेयर करते हुए कहा कि 20 साल पहले की तुलना में पृथ्वी पर आज के समय में अधिक हरियाली है, जिसका श्रेय भारत और चीन को दिया गया है। पिछले 20 सालों में भारत और चीन में काफी पेड़ लगाए गए हैं, यह आप ऊपर की तस्वीर में देख सकते हैं।

बोस्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता ची येन के अनुसार, ‘भारत और चीन धरती पर हरियाली बढ़ाने की ओर अग्रसर हैं। दोनों देश धरती पर एक तिहाई हरियाली के लिए उत्तरदायी हैं, लेकिन दोनों देशों में दुनिया में पेड़-पौधों से आच्छादित क्षेत्र का महज नौ फीसद हिस्सा ही है। यह नतीजा उस आम धारणा के उलट है कि बड़ी आबादी वाले देशों में ज्यादा दोहन के चलते हरित क्षेत्रों में गिरावट आ रही है।’ नासा के एम्स रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिक रामा नेमानी ने कहा, ‘धरती की हरियाली पर पहली बार गौर किया गया है। बीती सदी के आठवें और नौवें दशक में भारत और चीन में हरित क्षेत्रों की स्थिति अच्छी नहीं थी। बीती सदी के अंतिम दशक में लोगों ने इसे समझा और अब इसमें सुधार हुआ है।’

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भारत वृक्षारोपण में विश्व रिकॉर्ड तोड़ रहा है, जिसमें 800,000 भारतीयों ने केवल 24 घंटों में 5 करोड़ पेड़ लगाए हैं। आंकड़ों से सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि ग्रह पर हरित क्षेत्रों में वृद्धि लगभग पूरी तरह से मानव क्रिया के कारण है।

लेकिन हमें अब रुकने की जरूरत नहीं है, हम सभी से कुछ पेड़ लगाने का अनुरोध करते है।

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